- महाकाल के पट खुले, भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार: सभा मंडप में स्वस्ति वाचन के बाद घंटी बजाकर ली गई आज्ञा
- तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
- 77वें गणतंत्र दिवस के लिए उज्जैन तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फहराएंगे तिरंगा, कार्तिक मेला ग्राउंड में पहली बार होगा जिला स्तरीय आयोजन
- महाकाल मंदिर में शनिवार तड़के खुले पट, भस्म आरती में साकार रूप में दिए बाबा ने दर्शन
- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
यूडीए ने इंदौर रोड की निजी काॅलोनी के 110 प्लाॅटों पर कब्जा लिया, अब नई योजना लाएगा
उज्जैन | इंदौर रोड पर इस्को इस्टेंटन पाइप फैक्टरी की जमीन पर विकसित की गई निजी कॉलोनी के 110 भूखंडों पर गुरुवार को यूडीए ने कब्जा ले लिया। यहां जिन प्लाॅटों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें आधिपत्य में लेकर नोटिस चस्पा कर दिया है। यूडीए इन भूखंडों पर अपनी योजना लाएगा।
यूडीए ने 43407 वर्गमीटर जमीन का 21 दिसंबर 2012 से 30 वर्ष के लिए लीज नवीनीकरण किया था, जिस पर निजी कॉलोनी विकसित की गई। यूडीए के निर्णय के खिलाफ सत्यनारायण सोमानी व श्यामसिंह सिकरवार ने इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के बाद 8 फरवरी-16 को कोर्ट ने लीज निरस्त करते हुए आदेश दिए थे कि यूडीए जमीन को आधिपत्य में लेकर बाजार मूल्य पर बेचे। आदेश के विरुद्ध काॅलोनी के संचालक ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। न्यायालय ने अपील निरस्त कर दी। इंदौर हाईकोर्ट के आदेश काे यथावत रखते हुए आदेश दिया 8 फरवरी 2016 के पूर्व जिन प्लाॅट की रजिस्ट्री हो चुकी है, वे यथावत रहेंगे। बाकी के प्लाॅट का आधिपत्य यूडीए ले सकेगा। कॉलोनाइजर लोगों के जमा रुपए 9% ब्याज की दर पर तीन माह में लौटाए। मामला लोकायुक्त में भी पहुंच चुका है। यूडीए का स्टाफ गुरुवार को निजी काॅलोनी में पहुंचा और 67 प्लाॅट को छोड़कर बाकी पर कब्जा लिया। यूडीए ने जमीन 21 दिसंबर 1982 को 30 वर्ष के लिए यानी 20 दिसंबर 2012 तक इस्को पाइप फैक्टरी को स्टाफ क्वार्टर के लिए लीज पर दी थी। इस बीच कोलकाता हाईकोर्ट ने परिसमापक नियुक्त किया था। कोर्ट में जमीन की नीलामी हुई थी। एक वर्ष बाद यूडीए ने हाईकोर्ट के समक्ष लीज निरस्त कर पजेशन लेने के लिए आवेदन किया। 5 अगस्त 2005 को उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
गुलमोहर ग्रीन काॅलोनी के 67 भूखंडों को छोड़कर बाकी 110 प्लॉट पर कब्जा ले लिया है। अब यह प्राॅपर्टी प्राधिकरण की हो गई है। यहां प्राधिकरण अपनी योजना लाएगा। जगदीश अग्रवाल, चेयरमैन यूडीए